about_img

क्या आपकी कुंडली में है प्रेम योग, क्या आपका होगा प्रेम विवाह?

किस व्यक्ति को कब और कैसा प्यार मिलेगा यह उसकी जन्म कुंडली देखकर बताया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपकी कुंडली में मौजूद ग्रहों की दशा बताती है कि आपके नसीब में प्यार है कि नहीं। आइए जानते हैं कुंडली में ऐसे कौन-से ग्रह योग हैं जो प्रेम प्राप्ति के योग का निर्माण करते हैं।


जीवन में प्यार का पानी के लिए आपकी जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह का अच्छा होना बहुत जरूरी है। शुक्र, चंद्रमा और मंगल ग्रह ही मुख्यत: प्यार को परवान चढ़ाते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शुक्र स्त्री ग्रह है। पति-पत्नी, प्रेम संबंध, आनंद आदि का कारक ग्रह भी शुक्र ही है। शुक्र अनुकूल रहे तो जीवन प्रेम से भर जाता है जब जातक की कुंडली में शुक्र और मंगल का योग बन जाता है या इनका आपस में कोई संबंध होता है तो ऐसी स्थिति में जातक के जीवन में प्यार की बहार आ सकती है।


इसके अलावा पंचम और सप्तम के स्वामी यदि एक साथ आ जाएं तो यह स्थिति भी प्रेम जीवन के लिए सकारात्मक योग बनाती है और आपको अपना प्यार मिलने की संभावना प्रबल होती हैं। यदि शुक्र की दृष्टि पंचम पर पड़ रही हो या वह चंद्रमा को देख रहा हो तो ऐसी दशा में चुपके-चुपके प्यार बढ़ता है। पंचमेश और एकादशेश का एक साथ बैठना भी कुंडली में प्रबल प्रेम योग का निर्माण करता है।

बेहतर कौन - प्रेम विवाह या अरेंज्ड विवाह?


आपको यह कहा गया होगा कि शादियां स्वर्ग में तय होती हैं। आपको इसलिए ऐसा कहा गया क्योंकि अधिकतर लोग अपनी शादी को नर्क बना देते थे। आपको यह समझना चाहिए कि अगर आप स्वर्ग हैं, तो आप अपनी शादी सहित जो कुछ भी करते हैं, वह स्वर्ग होगा। अगर आप नर्क हैं, तो अपनी शादी सहित जो कुछ भी करते हैं, वह नर्क होगा। इसलिए शादी के बारे में अधिक परवाह किए बिना, हमें सदा यह चिंता करनी चाहिए कि अपने आप को एक खूबसूरत इंसान में कैसे बदलें जिससे कि अपने सामने आने वाली हर स्थिति को हम खूबसूरत बना सकें।


हम जीवन के जड़ पर ध्यान न देकर हमेशा छोटी-छोटी डालियों पर ध्यान देते हैं। हम सिर्फ फल के अंदर रसायनों का इंजेक्शधन लगाकर उसे तेजी से बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। वह अधिक समय तक नहीं टिकेगा। वह भले ही आज एक फल दे दे, लेकिन कल वह फलहीन होगा। लेकिन अगर आप जड़ का पोषण करें, तो उसमें पूरी जिंदगी फल लगेंगे।